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एक ख़त बस यूँ ही

अलसुबह के उनींदे ख़्वाब ,          मुझे बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे !तुमसे मिलने को पूरी शब गुज़रने का इंतज़ार करती हूँ ..... सहर तुम्हारे आगोश में हो तो दिन अच्छा गुज़रेगा यक़ीनन ! यही सो...

एक खत नन्ही बूँद के नाम

प्यारी सी नन्ही बूँद , तुम नटखट सी, तुम पगली सी, कभी शरारत से फिसलती, कभी शैतान सी कूद जाती, कभी जब दो घड़ी ठहर जाती मेरी हथेली पर तो सहेली सी लगती हो, मुझसे बतियाती हो, दुनिया जहां ...

एक ख़त तुम्हारे नाम

तुम अक्सर गुज़रते रहे मेरे ख़्यालों की रहगुज़र (रास्ता) से और मैं सोचा करती ...तुम ऐसे होंगे, तुम वैसे होंगे, यूँ हँसते होंगे,  यूँ बोलते होंगे.....जब मेरा नाम लोगे तो कैसे मुस्कुराओग...

अधूरी सी प्यास

तुम पास नहीं, साथ भी नहीं फिर भी जाने क्यों लगता है तुम हो यहीं कहीं ... जैसे हाथ बढाऊँ और छू लूँ तुम्हें! जाने ये कैसा आभास है, कैसा एहसास है, तुम, तुम्हारा होना कुछ नया भी नहीं बस ह...

कैसे भुलाओगी ?

मैं निरंतर चलती रही, सोचा जब बहुत दूर निकल जाऊँगी तब थक जाएंगी एक दिन तुम्हारी यादें भी मेरे पीछे आते-आते और तुम, तुम ठहर जाओगे, थोड़ा सुकून पाओगे, और शायद मुझे भी थोड़ा सुकून मि...

Manali Diaries # 11

मिली है गोद कुदरत की, पले दुश्वारियों में हम। सफ़र आसाँ नहीं तो क्या, रहें हम मौज में हरदम। ऊँचे-ऊँचे दुर्गम पहाड़ों पर बने छोटे-छोटे कच्चे छप्पर वाले घर, जहाँ तक आने-जाने का मार...

Manali Diaries # 10

बचपन में एक खेल खेला करते थे अक्सर, नाम था treasure hunt यानी खजाने की खोज ... कुछ ऐसा ही महसूस हुआ जब हम मनाली के पहाड़ों में छुपे कुदरत के अकूत खजाने को खोजते हुए आगे बढ़ रहे थे चाहे वो हरियाल...