रब से की हुई गुज़ारिश हो

रब से की गई गुज़ारिश,
वो मेरे दिल का सुकून है।
उससे मिलने की ख़्वाहिश,
संग चलने का जुनून है।

उसकी बातों में मिठास,
हँसी में अजब खनक है।
खुद को कम आंकने की,
लेकिन बहुत सनक है।

धड़कने का सबब वही,
मेरे दिल की ख़ुराक है।
ज़िन्दगी उसके बिना
न भरने वाला सुराख है।

कबूल हुई कोई दुआ,
उसका मिलना रहमत है।
क्या लिखूं अब और 
दिलबर है, मेरी चाहत है।

💖🌹किरण

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