प्रेम में 'तुम' हो जाना


प्रेम करने से कहीं बेहतर है प्रेम में होना 
जो प्रेम में है वो निश्चय ही अधिक सरल होगा 
सरलता भले ही भावुक बना दे पर निष्ठुर नहीं बनने देती 
तभी तो विध्वंसी युद्ध के मध्य भी पनपते हैं विशुद्ध प्रेम 
सीमारहित और अकल्पनीय ! 
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तुम प्रेम करना चाहते हो पर मैं तो प्रेम को जीती हूँ 
तुम्हें तलाश रहती है उन अंतरंग लम्हों की और मैं सोच कर ही करीब आ जाती हूँ तुम्हारे 
मेरे लिए प्रेम को जीना उतना ही आसान है जितना कठिन है तुम्हें ये समझा पाना कि प्रेम करने का प्रयास ही प्रेम की नमी सोख लेता है ।
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#सुन_रहे_हो_न_तुम

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