उसने कहा ..

उसने कहा...
तुम्हें मुक्त किया अपने पाश से
जाओ ...जी लो अपनी ज़िन्दगी
भर लो कुछ नए रंग,
उकेर लो कुछ नयी रेखाएं,
सफ़र भी तुम्हारा
राह भी तुम ही चुनना,
बस मेरा एहसास साथ रखना
और रखना खाली
वो आख़िरी पन्ना,
जिसमें लिख सकें
अपना इश्क़ !

©विनीता सुराणा किरण

Comments

Popular posts from this blog

The Unsent Letter

ज़ायके से जश्न-ए-बहारा तक

Chap 34 Samar Returns