बरसात

है फिज़ा में रौनकें कुछ बात है
खुशनुमा फिर आज ये जज़्बात है
आज भीगा फिर तुम्हारा मन कहीं
हो रही रिमझिम तभी बरसात है
©विनिता सुराना 'किरण'

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